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इस बीमारी से नीला पड़ जाता है ननà¥â€à¤¹à¥‡ शिशॠका शरीर, लकà¥à¤·à¤£ और कारण जान उड़ जाà¤à¤‚गे होश
शिशॠकी सà¥à¤•िन का रंग नीला पड़ने लगे, तो यह देखकर पेरेंटà¥à¤¸ के होश उड़ जाते हैं। सà¥à¤•िन के नीला पड़ने का à¤à¤• कारण बà¥â€à¤²à¥‚ बेबी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® à¤à¥€ हो सकता है।
बà¥â€à¤²à¥‚ बेबी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं में जनà¥â€à¤® के कà¥à¤› समय बाद ही शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। इस बीमारी में तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ का रंग नीला पड़ जाता है जिसे साइनोसिस कहते हैं।सà¥à¤•िन के नीला पड़ने पर तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ पतली होती है और आमतौर पर इस बीमारी में होंठ, कान के लोबà¥â€à¤¸ और नाखून के बडà¥à¤¸ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं। वैसे तो बà¥â€à¤²à¥‚ बेबी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ बीमारी है लेकिन यह कई तरह के कंजेनाइटल हारà¥à¤Ÿ डिफेकà¥â€à¤Ÿ या परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ या जेनेटिक कारकों की वजह से हो सकता है।
​बà¥â€à¤²à¥‚ बेबी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® के कारण
खून में ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी के कारण सà¥à¤•िन का रंग नीला पड़ जाता है। दिल खून को फेफड़ों तक पंप करता है, यहां से खून को ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ मिलता है और फिर ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨à¤¯à¥à¤•à¥â€à¤¤ खून वापस दिल तक जाकर पूरे शरीर में पहà¥à¤‚चता है।
दिल, फेफडों या खून में कोई दिकà¥â€à¤•त होने पर खून में ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी हो जाती है। इससे सà¥à¤•िन का रंग नीला पड़ने लगता है। खून में ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ कम होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि टेटà¥à¤°à¤¾à¤²à¥‰à¤œà¥€ ऑफ फैलोट, मेथेमोगà¥â€à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ और अनà¥â€à¤¯ हारà¥à¤Ÿ डिफेकà¥â€à¤Ÿà¥¤
टेटà¥à¤°à¤¾à¤²à¥‰à¤œà¥€ ऑफ फैलोट à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ कंजेनाइटल हारà¥à¤Ÿ डिफेकà¥â€à¤Ÿ है जिसमें फेफड़ों तक खून का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ कम हो जाता है और पूरे शरीर तक ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ खून नहीं पहà¥à¤‚च पाता है।
मेथेमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨à¥‡à¤®à¤¿à¤¯à¤¾, नाइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ की पाॅइजनिंग की वजह से होता है। जब बचà¥â€à¤šà¤¾ दूध में कà¥à¤à¤‚ के पानी या बेबी फूड में नाइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ का सेवन कर ले, तो à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है।
​बà¥â€à¤²à¥‚ बेबी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® के लकà¥à¤·à¤£
चिड़चिड़ापन
थकान
दूध पीने में दिकà¥â€à¤•त आना
वजन ना बढ़ पाना
ठीक तरह से विकास ना होना
दिल की धड़कन या सांसें तेज होना
मेडिकल हिसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥€ के बारे में पूछने और शारीरिक जांच करने के अलावा डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° कà¥à¤› टेसà¥â€à¤Ÿ करते हैं जिसमें बà¥â€à¤²à¤¡ टेसà¥â€à¤Ÿ, फेफड़ों और दिल का साइज देखने के लिठचेसà¥â€à¤Ÿ à¤à¤•à¥â€à¤¸-रे, इलेकà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•ारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®, इकोकारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®, दिल की धमनियों को देखने के लिठकारà¥à¤¡à¤¿à¤à¤• कैथेटराइजेशन और ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ सैचà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ टेसà¥â€à¤Ÿ शामिल हैं।
​बà¥â€à¤²à¥‚ बेबी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® का इलाज
बà¥â€à¤²à¥‚ बेबी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® के कारण के आधार पर ही इसका इलाज किया जाता है। अगर कंजेनाइटर हारà¥à¤Ÿ डिफेकà¥â€à¤Ÿ की वजह से à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† है, तो बचà¥â€à¤šà¥‡ काे सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जरूरत पड़ सकती है।
शिशॠको दवा देने की सलाह à¤à¥€ दी जा सकती है। विकार की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के आधार पर दवा चà¥à¤¨à¥€ जाती है।
इस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® से शिशॠको बचाने के लिठकà¤à¥€ à¤à¥€ उसके खाने या दूध में कà¥à¤à¤‚ के पानी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— ना करें। à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‡ को उबला हà¥à¤† पानी ही दें। कà¥à¤à¤‚ के पानी में नाइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ हो सकता है।
नाइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे कि बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, पालक, चà¥à¤•ंदर और गाजर का उपयोग 7 महीने से कम उमà¥à¤° के शिशॠके आहार में कम करना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान सà¥â€à¤®à¥‹à¤•िंग, शराब और कà¥à¤› दवाओं का सेवन ना करें। इससे शिशॠमें कंजेनाइटल हारà¥à¤Ÿ डिफेकà¥â€à¤Ÿ से बचाव होता है। अगर आपको डायबिटीज है तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की निगरानी में रहें।
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